नई दिल्ली।
लगातार दो ओलंपिक पदक जीत चुकी भारतीय पुरुष हॉकी टीम शनिवार को वेल्स के खिलाफ विश्व कप अभियान की शुरुआत करेगी। हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली टीम की नजरें 51 साल से चले आ रहे विश्व कप पदक के सूखे को खत्म करने पर हैं। भारत की कोशिश होगी कि टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत कर देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस का तोहफा दिया जाए। भारत ने 1975 में कुआलालंपुर में पाकिस्तान को हराकर अपना एकमात्र विश्व कप खिताब जीता था। इससे पहले टीम ने 1971 में कांस्य और 1973 में रजत पदक हासिल किया था। हालांकि, इसके बाद पिछले 51 वर्षों में भारतीय टीम विश्व कप के पोडियम तक नहीं पहुंच सकी है।
भारत के पास पदक जीतने का सुनहरा मौका
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा भारतीय टीम के पास इस बार पदक जीतने का मजबूत मौका है। विश्व रैंकिंग में आठवें स्थान पर मौजूद भारत के पूल में उससे ऊपर सिर्फ तीसरे नंबर की इंग्लैंड टीम है। पाकिस्तान 12वें और वेल्स 15वें स्थान पर है।
टूर्नामेंट के नए प्रारूप में प्रत्येक पूल से शीर्ष दो टीमें अगले दौर में पहुंचेंगी। दूसरे चरण में आठ टीमों को चार-चार के दो समूहों में बांटा जाएगा। यहां प्रत्येक टीम दूसरे पूल से आने वाली टीमों के खिलाफ खेलेगी। दोनों समूहों की शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी।
ओलंपिक वाला जज्बा लेकर उतरेगी टीम
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि टीम उसी मानसिकता और तैयारी के साथ विश्व कप में उतरेगी, जिसके साथ उसने पिछले दो ओलंपिक में सफलता हासिल की थी।
उन्होंने कहा कि जिस तरह टोक्यो ओलंपिक में भारत ने 41 साल बाद पदक जीता था, उसी तरह टीम इस बार विश्व कप में 51 साल का इंतजार खत्म करने के लिए तैयार है।
हरमनप्रीत के मुताबिक टीम पर पदक जीतने का दबाव नहीं है, बल्कि यह उसकी जिम्मेदारी है।
कप्तान ने कहा कि टीम ने शीर्ष टीमों के खिलाफ लगातार मुकाबले खेले हैं और युवा खिलाड़ी भी आत्मविश्वास से भरे हुए हैं।
पिछले कुछ टूर्नामेंटों में भारत के फील्ड गोल करने के प्रदर्शन को भी उन्होंने सकारात्मक पहलू बताया।
जर्मनी और नीदरलैंड को हराकर बढ़ा आत्मविश्वास
भारत ने हाल में राजगीर में एशिया कप का खिताब जीता था। हालांकि प्रो लीग के पिछले सत्र में नौ टीमों के बीच भारत आठवें स्थान पर रहा था और केवल पाकिस्तान से आगे था। विश्व कप से ठीक पहले प्रो लीग के यूरोपीय चरण में भारतीय टीम ने मौजूदा विश्व और यूरोपीय चैंपियन जर्मनी तथा ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड को हराकर अपना आत्मविश्वास बढ़ाया।
मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने प्रो लीग 2025-26 में 33 खिलाड़ियों को आजमाने के बाद विश्व कप टीम चुनी है। टीम में भारत के लिए सर्वाधिक 417 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह भी शामिल हैं। वहीं यशदीप सिवाच, मोहित एचएस और शिलानंद लाकड़ा समेत आठ खिलाड़ी पहली बार विश्व कप में उतरेंगे।
मानसिक मजबूती पर भी जोर
विश्व कप से पहले स्विट्जरलैंड में आयोजित बूट कैंप में भारतीय खिलाड़ियों ने विषम परिस्थितियों में तैयारी की। टीम के मानसिक कोच पैडी अपटन का मानना है कि खिलाड़ियों को अभी से पदक के बारे में सोचने के बजाय मैच दर मैच रणनीति पर ध्यान देना चाहिए। अपटन ने कहा कि टीम को हर तरह की परिस्थितियों का सामना करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार किया गया है। उनका मानना है कि भारतीय टीम ओलंपिक के बाद विश्व कप में भी पदक जीतने में सक्षम है।
श्रीजेश के बाद गोलकीपिंग की नई चुनौती
पीआर श्रीजेश के संन्यास के बाद यह भारतीय टीम का पहला बड़ा टूर्नामेंट है। ऐसे में युवा गोलकीपर मोहित एचएस और सूरज करकेरा के सामने बड़ी जिम्मेदारी होगी। डिफेंस में अमित रोहिदास और कप्तान हरमनप्रीत सिंह का अनुभव भारत के लिए अहम होगा। हरमनप्रीत की ड्रैग फ्लिक भी टीम के लिए गोल का बड़ा हथियार रहेगी। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह पर जिम्मेदारी होगी, जबकि फॉरवर्ड लाइन में अभिषेक और मनदीप सिंह से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। मनदीप अपने 300वें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से सिर्फ 12 मैच दूर हैं।
विश्व कप के बाद एशियाई खेलों पर नजर
अपनी मेजबानी में हुए पिछले दो विश्व कप में छठे और आठवें स्थान पर रही भारतीय टीम के लिए इस बार अच्छा प्रदर्शन बेहद महत्वपूर्ण है। विश्व कप में बेहतर प्रदर्शन अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले टीम का आत्मविश्वास बढ़ाएगा।
एशियाई खेलों में भारत का लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना है। इसके अलावा मैदान पर मजबूत प्रदर्शन से टूर्नामेंट से पहले मैदान के बाहर हुए विवादों को भी पीछे छोड़ने में मदद मिलेगी।
वेल्स की नजर उलटफेर पर
दूसरी ओर, वेल्स की टीम लगातार दूसरे विश्व कप में हिस्सा ले रही है।
भारत में पिछले विश्व कप में पदार्पण करने वाली वेल्स टीम इस बार उलटफेर करने के इरादे से उतरेगी।
विश्व हॉकी में अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश में जुटी वेल्स ने विश्व कप से पहले इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और स्पेन के खिलाफ अभ्यास मैच खेले हैं।
टीम को अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।
भारत को पूल चरण में 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भी भिड़ना है।
ऐसे में वेल्स के खिलाफ जीत के साथ शुरुआत करना भारतीय टीम के लिए बेहद अहम होगा।



