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“कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: बिंदियारानी देवी ने कांस्य जीतकर बढ़ाया भारत का मान, भारोत्तोलन में पांचवां पदक”

Commonwealth Games 2026

भारत की महिला भारोत्तोलक बिंदियारानी देवी ने 58 किलो भारवर्ग में कांस्य पदक जीता। बिंदियारानी ने स्नैच में 87 किलो और क्लीन एंड जर्क में 112 किलो का वजन उठाया। इस तरह उन्होंने कुल 199 किलो वजन उठाकर कांस्य अपने नाम किया। नाइजीरिया की रफियातु फोलाशेड लवाल ने 229 किलो (103+126) वजन उठाकर स्वर्ण और कनाडा की आन सोफी तासचेरयू ने कुल 215 किलो (94+121) के साथ रजत पदक अपने नाम किया। बिंदियारानी ने 2022 में बर्मिंघम खेलों में रजत पदक जीता था और पिछले साल अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में दूसरे स्थान पर रही थीं।

भारतीय भारोत्तोलकों के ग्लास्गो में पदक

1. मीराबाई चानू – स्वर्ण (महिला 48 किग्रा)

2. ऋषिकांता सिंह – रजत (पुरुष 60 किग्रा)

3. मुथुपंडी राजा – रजत (पुरुष 65 किग्रा)

4. ज्ञानेश्वरी यादव – रजत (महिला 53 किग्रा)

5. बिंदिया रानी देवी – कांस्य (महिला 58 किग्रा)

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में छठा पदक

भारत ने इस तरह ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक छह पदक अपने नाम किए हैं जिसमें पांच भारोत्तोलन में आए हैं। भारत अब तक एक स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य पदक जीत चुका है। भारत की ओर से अब तक भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने स्वर्ण, पुरुष भारोत्तोलक ऋषिकांता सिंह, राजा और ज्ञानेश्वरी ने रजत तथा बिंदियारानी देवी ने कांस्त और पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीते हैं।

स्नैच में किया दमदार प्रदर्शन

भारतीय महिला भारोत्तोलक बिंदियारानी ने 58 किलो वजन वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने स्नैच में 87 किलो वजन उठाया। उनके तीनों प्रयास सफल रहे। बिंदियारानी ने स्नैच के पहले प्रयास में 83 किलो वजन उठाने का फैसला किया और वह इसमें सफल रहीं। बिंदियारानी ने पहले 85 किलो वजन रजिस्टर कराया था, लेकिन अंतिम मिनटों में उन्होंने वजन कम करने का फैसला किया। बिंदियारानी ने स्नैच के दूसरे प्रयास में वजन बढ़ाया और 85 किलो वजन उठाने का फैसला किया। बिंदियारानी को 85 किलो वजन उठाने में कोई परेशानी नहीं हुई। फिर तीसरे प्रयास में उन्होंने 87 किलो वजन उठाया।

क्लीन एंड जर्क में पहला प्रयास हुआ था विफल

भारत की बिंदियारानी देवी का क्लीन एंड जर्क में पहला प्रयास नो लिफ्ट करार दिया गया। बिंदियारानी ने पहले प्रयास में 110 किलो वजन रजिस्टर कराया और उठाया भी। पहले इसे सफल प्रयास दिया गया, लेकिन ज्यूरी ने रिव्यू किया और बिंदियारानी का पहला प्रयास नो लिफ्ट करार दिया गया। क्लीन एंड जर्क में पहला प्रयास नो लिफ्ट दिए जाने के बाद बिंदियारानी ने दूसरे प्रयास में दमदार वापसी की। बिंदियारानी ने दूसरे प्रयास में 112 किलो वजन उठाया और खुद को पदक की दौड़ में शामिल किया। बिंदियारानी के सामने एकमात्र अड़चन इंग्लैंड की एलिजा प्राट थीं जो कांस्य की दौड़ में बनी हुई थी। हालांकि, प्राट क्लीन एंड जर्क में अपने आखिरी प्रयास में 113 किलो वजन नहीं उठा सकीं जिससे बिंदियारानी का कांस्य पक्का हो गया।

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