
देहरादून।
पुलिस कप्तान परमिंदर डोभाल के नेतृत्व में देहरादून पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही है।
देहरादून में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का ऑपरेशन जारी है और पटेल नगर पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी का दम दिखाया है।
8 सितंबर को बड़ोवाला क्षेत्र में एक युवक पर जानलेवा फायरिंग की घटना ने पुलिस को चुनौती दी थी। लेकिन इस चुनौती को थानाध्यक्ष नरेश राठौर ने गंभीरता से लिया और अपनी टीम को आरोपियों की तलाश में लगा दिया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, संदिग्ध रास्तों की निगरानी की गई और पुलिस टीमों ने लगातार सुराग जुटाए। आखिरकार शुक्रवार रात पुलिस को सूचना मिली कि फायरिंग के आरोपी दोबारा देहरादून में किसी वारदात को अंजाम देने के लिए पहुंचे हैं।
बस फिर क्या था—पटेल नगर पुलिस ने चेकिंग का जाल बिछा दिया।
गोरखपुर चौक पर संदिग्ध बाइक सवारों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाश बाइक दौड़ाकर भाग निकले। पुलिस ने पीछा किया तो दोनों चाय बागान की पगडंडी पर बाइक छोड़कर जंगल की तरफ भागने लगे।
इसी दौरान पुलिस के मुताबिक बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी अंकित चौहान के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
मौके से तमंचा, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने पांच लाख रुपये में हत्या की सुपारी लेने का खुलासा किया है।
नरेश राठौर की सतर्कता ने दिखाई रंग!
इस पूरे ऑपरेशन में थानाध्यक्ष नरेश राठौर की सतर्कता, टीमवर्क और त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की जा रही है। घटना के बाद लगातार आरोपियों की तलाश करना और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना पुलिस की सक्रियता को दर्शाता है।
वहीं यह कार्रवाई सिर्फ एक बदमाश को पकड़ने तक सीमित नहीं है—बल्कि उन अपराधियों के लिए भी बड़ा संदेश है, जो देहरादून में कानून को चुनौती देने का सपना देख रहे हैं।
देहरादून पुलिस का साफ संदेश—अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून की नजर से बच नहीं सकता।
थानाध्यक्ष नरेश राठौर और उनकी टीम की मुस्तैदी को सलाम… और अपराधियों के खिलाफ देहरादून पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
फरार आरोपी की तलाश में पुलिस का कॉम्बिंग अभियान जारी है।



