उत्तराखंड

गोल्ड लोन को गिरवी रखे 95 ग्राम सोने के आभूषण मय मुआवजा लौटाने का आदेश

बैंक में गिरवी रखे गहनों की सुरक्षा न करने व न लौटाने को उपभोक्ता आयोग ने माना उपभोक्ता सेवा में कमी

गोल्ड लोन को गिरवी रखे 95 ग्राम सोने के आभूषण मय मुआवजा लौटाने का आदेश

आभूषण लौटाने में असमर्थ होने पर भी जिला उपभोक्ता आयोग उधमसिंह नगर ने दिया यूको बैंक को गहनों का मूल्य मय ब्याज भुगतान का आदेश
काशीपुर। बैंक में गिरवी रखे गहनों की सुरक्षा न करने व न लौटाने को जला उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता सेवा में कमी माना है।

आयोग ने गोल्ड लोन में गिरवी रखे 94.640 ग्राम 24 कैरेट सोने के आभूषण मय मुआवजा लौटाने का आदेश यूको बैंक को दिया है। आभूषण लौटाने में असमर्थ होने पर भी जिला उपभोक्ता आयोग उधमसिंह नगर ने यूको बैंक को गहनों का मूल्य मय ब्याज भुगतान का आदेश दिया है।

जसपुर निवासी पंकज कुमार की ओर से काशीपुर निवासी अधिवक्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग उधमसिंह नगर में परिवाद दायर करके कहा गया था कि पंकज कुमार ने यूको बैंक के विज्ञापन तथा उसके अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा गोल्ड लोन की बतायी आकर्षक विशेषताओं तथा गिरवी रखे गये स्वर्ण आभूषणों की सुरक्षा पर विश्वास करके अपनी व्यक्तिगत आवश्यकता होने पर अपने स्वर्ण आभूषण यूको बैंक की जसपुर शाखा में गिरवी रखकर रू. दो लाख का गोल्ड लोन लिया गया। इस लोन को रू. 2,31,450 का ब्याज सहित भुगतान जनवरी 2019 में कर दिया गया।

2023 में उसे अपने आभूषणों की आवश्यकता होने पर गिरवी रखे गये आभूषणों को वापस लौटाने की लिखित रूप से प्रार्थना पत्र देकर मांग की लेकिन बैंक के द्वारा न तो इन्हें वापस किया गया और न ही इसका वैध कारण बताया गया। इस पर परिवादी ने अपने अधिवक्ता नदीम उद्दीन के माध्यम से कानूनी नोटिस भिजवाया गया जिसका भी कोई उत्तर नहीं दिया गया और न ही आभूषणों को वापस किया गया।

इस पर आयोग में परिवाद दायर करके बैंक में गिरवी रखे गये स्वर्ण आभूषण वापस दिलवाने तथा उपभोक्ता सेवा में कमी से हुये नुकसान का मुआवजा दिलवाने की आयोग से प्रार्थना की गयी।

बैंक की ओर से बैंक शाखा में दिनांक 11-07-2018 को बैंक के चपरासी दुश्यंत कुमार द्वारा चोरी करने तथा इसे निलम्बित करने व मामले में एफ.आई.आर. व आरोप पत्र दाखिल होने का कथन किया गया तथा चोरी की घटना की जानकारी परिवादी को टेलीफोन पर देने व बैंक द्वारा समझौते के तौर रू. 2,86,087 रूपये मुआवजा स्वीकार कराने का समझौता पत्र डाक से भेजने का कथन किया गया तथा किसी उपभोक्ता सेवा में कमी करने से इंकार किया गया व परिवाद निरस्त करने की प्रार्थना की गयी।

जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजीव कुमार खरे सदस्य नवीन चन्द्र चंदौला तथा सदस्या डाॅ0 मनीला ने परिवादी के अधिवक्ता नदीम उद्दीन तथा बैंक के अधिवक्ता के तर्कों को सुना और परिवादी के ऋण हेतु गिरवी रखे गये स्वर्ण आभूषणों को वापस न करने तथा इसे सुरक्षित न रखने को सेवा में कमी माना।

जिला उपभोक्ता आयोग ने अपने निर्णय से 45 दिन के अंदर गिरवी रखे गये 94.640 ग्राम 24 कैरेट सोने के आभूषण यदि चोरी के उपरान्त बैंक को प्राप्त हो गये है तो उन्हेें ज्यों का त्यों परिवादी को वापस करें और यदि उक्त स्वर्ण आभूषणों कों वापस करने में असमर्थ रहते है तो इस स्थिति में लोन समाप्ति की तिथि 31-01-2019 को गोल्ड की मार्केट वैल्यु के अनुसार धनराशि मय 6 प्रतिशत साधारण ब्याज जो इसी दिनांक से अदायगी तक देय होगा परिवादी को करने का आदेश दिया।

इसके अतिरिक्त 5 हजार रूपये मानसिक क्षति का मुआवजा तथा रू. 2 हजार वाद व्यय भुगतान का भी आदेश दिया।

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