फ्रांस का ‘विजयी वार’! मोरक्को को 2-0 से हराकर लगातार तीसरी बार विश्व कप सेमीफाइनल में पहुंचा, एम्बाप्पे-डेम्बेले का जलवा

फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। पहले हाफ में गोल नहीं हुआ, लेकिन दूसरे हाफ में किलियन एम्बाप्पे और उस्मान डेम्बेल के गोल की बदौलत फ्रांस ने शानदार जीत दर्ज की। अब सेमीफाइनल में उसका मुकाबला बेल्जियम और स्पेन के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा।
पहले हाफ में बुनू ने रोका एम्बाप्पे का पेनल्टी गोल
फ्रांस ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। पांचवें मिनट में दायोट उपामेकानो का हेडर मोरक्को के गोलकीपर यासीन बुनू ने शानदार तरीके से रोक दिया। इसके बाद फ्रांस को पेनल्टी मिली, जब नौसैर मजराउई ने एम्बाप्पे को बॉक्स के अंदर फाउल कर दिया। हालांकि, कप्तान एम्बाप्पे की पेनल्टी पर बुनू ने बेहतरीन सेव किया और पहले हाफ तक स्कोर 0-0 रहा।
60वें मिनट में एम्बाप्पे ने दिलाई बढ़त
दूसरे हाफ में फ्रांस ने दबाव बनाए रखा और 60वें मिनट में एम्बाप्पे ने बॉक्स के बाहर से शानदार कर्लिंग शॉट लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह इस विश्व कप में उनका आठवां गोल रहा।
डेम्बेल ने छह मिनट बाद जीत पर लगाई मुहर
एम्बाप्पे के गोल के छह मिनट बाद फ्रांस ने दूसरा गोल भी कर दिया। एम्बाप्पे ने शानदार पास देकर उस्मान डेम्बेल को मौका बनाया और डेम्बेल ने शांत अंदाज में गेंद को नेट में पहुंचाकर स्कोर 2-0 कर दिया। इसके बाद फ्रांस ने मैच पर पूरा नियंत्रण बनाए रखा और मोरक्को को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
लगातार तीसरी बार विश्व कप सेमीफाइनल में फ्रांस
इस जीत के साथ दिदिएर डेशां की टीम लगातार तीसरी बार विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंच गई। फ्रांस ने 2018 में विश्व कप का खिताब जीता था, जबकि 2022 में वह उपविजेता रहा था। अब टीम की नजर एक और फाइनल में जगह बनाने पर होगी।
कौन से रिकॉर्ड बने?
किलियन एम्बाप्पे ने इस विश्व कप के सभी छह मैचों में गोल किया है और गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं।
विश्व कप में सर्वाधिक करियर गोल करने वाले खिलाड़ियों में एम्बाप्पे (20) अब केवल लियोनेल मेसी (21) से पीछे हैं।
उस्मान डेम्बेले विश्व कप के एक ही संस्करण में पांच गोल करने वाले फ्रांस के तीसरे खिलाड़ी बन गए।
18 साल 280 दिन के अयूब बुआद्दी विश्व कप में किसी अफ्रीकी टीम के लिए किशोर अवस्था में पांच मैच खेलने वाले पहले खिलाड़ी बने।



