उत्तराखंडस्पोर्ट्स

उत्तराखंड की रबर डोल हर्षिका ने किया भारत का नाम रोशन, वर्ल्ड कप योग चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल

उत्तराखंड की रबर डोल हर्षिका ने किया भारत का नाम रोशन, वर्ल्ड कप योग चैंपियनशिप में जीता सिल्वर मेडल

नैनीताल जिले के हल्द्वानी की नौ वर्षीय हर्षिका रेखाड़ी ने चतुर्थ वर्ल्ड कप योग चैंपियनशिप में भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने पारंपरिक योग में रजत और आर्टिस्टिक योग में कांस्य पदक जीता।

‘रबर डोल’ के नाम से प्रसिद्ध हर्षिका ने तेज बुखार के बावजूद दिल्ली में आयोजित प्रतियोगिता में भाग लिया। उनके पिता भुवन रेखाड़ी ने बताया कि हर्षिका ने पांच साल की उम्र से योग शुरू किया था और अब तक 30 पदक जीत चुकी हैं।

हल्द्वानी: देवलचौड़ बंदोबस्ती निवासी हर्षिका रेखाड़ी ने एक बार फिर उत्तराखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय फलक पर ऊंचा दिया है। हल्द्वानी की रबर डोल से प्रसिद्ध नौ वर्षीय हर्षिका ने दिल्ली में आयोजित चतुर्थ वर्ल्ड कप योग चैंपियनशिप में प्रतिभाग कर पारंपरिक योग में रजत व आर्टिस्टिक योग में कांस्य पदक हासिल किया है।

दिल्ली में यूनिवर्सल योग स्पोर्ट्स फेडरेशन की ओर से चतुर्थ विश्व योग चैंपियनशिप का आयोजन 27 दिसंबर को आयोजित हुआ था। जिसमें 17 देशों से आए विभिन्न प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया ।

जिसमें भारत की ओर से जस गोविन पब्लिक स्कूल हल्द्वानी की मशहूर नौ साल की नन्ही हर्षिका रेखाड़ी ने प्रतिभाग किया था।

हर्षिका के इस ऐतिहासिक जीत के बाद उसको शुभकामनाएं देने वालों का तांता लग गया है। मंडी विपणन बोर्ड में एकाउंटेंट के पद में कार्यरत पिता भुवन रेखाड़ी ने बताया कि पांच वर्ष से ही हर्षिका ने यूट्यूब पर योग की वीडियो देखने लगी थी। योग में इस कदर रुचि रखने लगी थी कि हर समय यही देखा करती थी।

उसकी रुचि को देखते हुए उसे उन्होंने योग एकेडमी में उसे प्रशिक्षण के लिए भेज दिया। जहां पर उसने एक साल में ही कठिन से कठिन आसन पर महारथ हासिल कर ली।

कहा कि बेटी का सपना था की वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा में प्रतिभाग करे और देश के लिए पदक अर्जित कर सके। उन्होंने कहा की बेटी देश के लिए आगे भी योग में स्वर्ण पदक लाने के लिए कड़ी मेहनत करेगी।

छह राष्ट्रीय स्पर्धा में प्रतिभाग कर चुकी है हर्षिका

योग की दुनिया में नाम कमाने वाली नन्ही हर्षिका अब तक छह राष्ट्रीय स्पर्धा में प्रतिभाग कर चुकी है। वहीं उसने अब तक 30 पदक अर्जित किए हैं। जिसमें 15 गोल्ड मेडल प्राप्त किए है। कम उम्र में हैरतअंगेज आसनों को दिखा कर हर्षिका अपना लोहा मनवा चुकी है।

तेज बुखार होने पर अस्पताल में किया एडमिट

पिता भुवन बताते हैं कि दिल्ली में स्पर्धा होने से तीन दिन पहले हर्षिका को करीब 104 डिग्री बुखार था। बुखार कम नहीं हुआ तो उन्होंने उसको एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। तीन दिन तक हर्षिका अस्पताल में रही।

जहां चिकित्सकों ने बताया कि बेटी को वायरल फीवर है। ठीक होने के बाद ही वह दिल्ली के लिए रवाना हो गई। जिस पर बेटी ने स्पर्धा में प्रतिभाग किया और देश के लिए पदक हासिल किया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button