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केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नवीन प्रस्तावों पर जोर

 

केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नवीन प्रस्तावों पर जोर

देहरादून : 28 अक्टूबर 2026,भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अपर सचिव मोना खंधार की अध्यक्षता में आज बीजापुर गेस्ट हाउस, देहरादून में उत्तराखंड के समाज कल्याण विभाग की केंद्र पोषित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के समस्त जनपदों के जिलाधिकारी एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी ऑनलाईन माध्यम से सम्मिलित हुए। साथ ही, भारत सरकार के मंत्रालय से विभिन्न योजनाओं से संबंधित अधिकारी भी ऑनलाईन माध्यम से बैठक में जुड़े।

बैठक की शुरुआत में अपर सचिव, भारत सरकार का स्वागत संयुक्त निदेशक, समाज कल्याण जी०आर० नौटियाल एवं सहायक निदेशक हेमलता पांडे द्वारा किया गया। इस अवसर पर अपर सचिव मोना खंधार को उत्तराखंड की लोक संस्कृति एवं परंपराओं के प्रतीक स्वरूप झोड़ा नृत्य करने वाली महिलाओं से संबंधित स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। साथ ही, बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से PM-AJAY योजना के अंतर्गत GIA से संबंधित प्रशिक्षण कार्य प्राप्त करने वाले स्वयंसेवी संगठन (NGO) द्वारा तैयार किए गए उत्पाद भी उन्हें भेंट किये गये। इन उत्पादों के माध्यम से स्थानीय कौशल, पारंपरिक कला एवं आजीविका संवर्धन के प्रयासों को प्रदर्शित किया गया।

बैठक में प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (PM-AJAY), छात्रवृत्ति योजनाओं, नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम (PCR), अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (POA), राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्य योजना (NAPDDR) तथा SMILE योजना के अंतर्गत भिक्षावृत्ति उन्मूलन से संबंधित कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

समीक्षा के दौरान अपर सचिव मोना खंधार ने राष्ट्रीय नशा मुक्ति कार्य योजना के अन्तर्गत कारागारों में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने तथा सेलाकुई स्थित SHMA में नशा मुक्ति केन्द्र की स्थापना के संबंध में प्रस्ताव प्रेषित करने को कहा। SMILE योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और राज्य स्तर पर बेहतर समन्वय के लिए राज्य नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश भी दिए गए।

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत घोषित आदर्श ग्रामों के समग्र विकास को गति देने के लिए सभी आदर्श ग्रामों की ग्राम विकास योजना दीपावली से पूर्व तैयार करने को कहा गया, ताकि विकास कार्यों को योजनाबद्ध और समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

छात्रवृत्ति योजनाओं की समीक्षा के दौरान राज्य की ओर से सहायक निदेशक श्रीमती हेमलता पाण्डे ने अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति योजना में केंद्र एवं राज्य के बीच 60:40 के वर्तमान वित्तीय अंशदान अनुपात को 90:10 किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन पंजीकरण के समय ही आधार सीडिंग की स्थिति की जांच सुनिश्चित करने का सुझाव दिया, ताकि विद्यार्थियों को बाद में भुगतान संबंधी समस्याओं का सामना न करना पड़े। अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत सभी पात्र विद्यार्थियों को लाभान्वित करने के लिए अतिरिक्त बजट की मांग भी रखी गई।

नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य की ओर से अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। ट्रांसजेंडर समुदाय के कल्याण एवं पुनर्वास के लिए राज्य में गरिमा गृह स्थापित करने के संबंध में भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय निगमों द्वारा राज्य के उत्तराखण्ड बहुउद्देशीय वित्त एवं विकास निगम से राज्य सरकार की गारंटी मांगे जाने के प्रकरण पर भी चर्चा हुई। अपर सचिव श्रीमती मोना खंधार ने इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करते हुए राष्ट्रीय निगमों को स्टेट गारंटी की बाध्यता में राहत के परीक्षण हेतु निर्देश दिए गए।

बैठक में योजनाओं की प्रगति, वित्तीय आवश्यकताओं, पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अपर सचिव, भारत सरकार ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में पुलिस विभाग की ओर से एडीजी ए०पी० अंशुमान, समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक जी०आर० नौटियाल, सहायक निदेशक हेमलता पाण्डे, सचिव, पिछड़ा वर्ग आयोग गोरधन सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल सहित विभागीय अधिकारी एवं श्रम विभाग से अपर आयुक्त अनिल पेटवाल तथा राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण से संयुक्त निदेशक डॉ बर्मन उपस्थित रहे। निदेशक समाज कल्याण संजय कुमार अपनी टीम के साथ हल्द्वानी से ऑनलाइन माध्यम से बैठक में सम्मिलित हुए।

बैठक के अंत में निदेशक समाज कल्याण ने सभी निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश जिला समाज कल्याण अधिकारियों एवं योजनधिकारियों को दिये।

 

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