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पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, सैनिक परिवारों का सम्मान हमारा नैतिक दायित्व: महाराज

Dehradun : 26 अक्टूबर 2026,

पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, सैनिक परिवारों का सम्मान हमारा नैतिक दायित्व: महाराज

कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नौगांवखाल में सी.एस.डी. कैंटीन का किया शुभारंभ…

एकेश्वर (पौड़ी) : प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने अपने विधानसभा क्षेत्र चौबट्टाखाल के अंतर्गत विकासखण्ड एकेश्वर के नौगांवखाल में सोमवार को भूतपूर्व सैनिकों हेतु सी.एस.डी. कैंटीन का विधिवत उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उपस्थित स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री एवं चौबट्टाखाल विधायक सतपाल महाराज ने कहा कि भारतीय सेना केवल एक सैन्य संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव, अनुशासन, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। हमारे वीर जवान दिन-रात देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। उनका साहस और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उन्होंने कहा कि सैनिकों का योगदान केवल सेवा अवधि तक सीमित नहीं रहता। सेवानिवृत्ति के बाद भी पूर्व सैनिक अपने अनुभव और अनुशासन से समाज व राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वीर नारियां और सैनिक परिवार भी अपने त्याग से राष्ट्रसेवा में सहभागी बनते हैं, इसलिए उनका सम्मान करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।

महाराज ने कहा कि नौगांवखाल में प्रारंभ हो रही यह सी.एस.डी. कैंटीन इसी सम्मान और सुविधा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सुविधा के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से पात्र सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा अन्य अधिकृत लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के अंतर्गत दैनिक आवश्यक वस्तुएं सुगमता से उपलब्ध होंगी।

उन्होंने बताया कि संस्कृति विभाग के अंतर्गत उनके द्वारा ग्राम सिंवाल में 12 स्वतंत्रता सेनानियों के नाम से शहीद द्वार, पिनानी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आनंद सिंह स्मृति द्वार, ग्राम बघेली में बाबा माहेन सिंह उत्तराखण्डी स्मृति द्वार तथा ग्राम सीला में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बलवंत मियाँ जी की मूर्ति स्थापना का कार्य कराया गया है।

विकास खण्ड पोखड़ा के अंतर्गत ग्राम सकनोली के शहीद मंदीप सिंह के नाम पर देवराड़ी-चलकुडिया मोटर मार्ग का नाम शहीद मंदीप सिंह मोटर मार्ग रखा गया तथा ग्राम गिंवाली में शहीद सतवीर सिंह जी के स्मारक की मरम्मत हेतु विधायक निधि से 1 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।

उन्होंने सैनिक कल्याण के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा कोटद्वार में शहीद स्थल बनवाये जाने की घोषणा की गई थी, जिसके लिए भूमि का स्थानांतरण हो चुका है तथा शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जायेगा। इसके अलावा सैनिक कल्याण कार्यालय के माध्यम से राज्य के शहीद सैनिकों के आश्रितों को 50 लाख रुपये का अनुदान तथा घर की मरम्मत हेतु 2 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। वीरता पुरस्कार अनुदान एकमुश्त तथा वार्षिकी के रूप में दिया जा रहा है, जिसमें वृद्धि की गई है। द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों तथा उनकी विधवाओं को प्रतिमाह 10 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। जो पूर्व सैनिक/विधवाएं भौतिक रूप से कार्यालय नहीं आ सकते, उनका वीडियो कॉल के माध्यम से सत्यापन किया जाता है। पूर्व सैनिकों की विधवाओं को पुत्री के विवाह हेतु 1 लाख रुपये का अनुदान दिया जा रहा है। वीर शहीदों के नाम पर सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों का नामकरण एवं शहीद द्वारों का निर्माण कराया जा रहा है।

महाराज ने आशा व्यक्त की कि इस कैंटीन के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा इसका संचालन पारदर्शी और व्यवस्थित रूप से किया जाएगा। उन्होंने कैंटीन प्रारंभ करने में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान ग्रुप कैप्टन शिव प्रसाद सती, चंद्र सिंह कैंतूरा(अध्यक्ष गौरव सेनानी संगठन चौंदकोट चौबट्टाखाल), श्रीमती रेखा आर्य एस.डी.एम. चौबट्टाख़ाल, कर्नल मनोज उनियाल, सीमा सजवान, गौरव सेनानी एसोसिशन के रामेश्वर राणा जी, आरएसएस संभाग निरीक्षक भगवती प्रसाद चमोला, जिला कार्यवाह संजय मंगाई, राकेश कुमार गोड़ (जिला अध्यक्ष विश्व हिंदू परिषद) किशोर कैन्थोला, संजय बमोला, लेफ्ट.ज.डी.एस. राणा जी (कमांडर स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड), ब्रिगेडियर वी0एस0 नेगी (कमांडेंट गढ़वाल राइफल) उपस्थित थे। मंच संचालन राजेंद्र सिंह रावत ने किया।

इन्हें किया गया सम्मानित:-

1- राईफल मैन हरेन्द्र सिंह रावत ग्राम बडेथ कारगिल युद्ध में अपने साथियों की रक्षा करते हुए देश के लिए शहीद हुए। इनके पिता पूर्व सैनिक श्री मुकन्द सिंह रावत

2- सूबेदार धर्मवीर सिंह असवाल ग्राम हलाई तल्ली आपरेशन राइनो में अपने साथियों की रक्षा करते हुए देश के लिए शहिद हुए थे।इनके पत्नी के भाई श्री संजय सिंह रावत जी ग्राम सतपाली।

3- नायक वीर सिंह ग्राम ईड़ा मल्ला आपरेशन पराक्रम के दौरान देश की रक्षा के लिए ‘शहीद हुए। इनके छोटे भाई श्री किशोर सिंह नेगी

4- राईफलमैन विपिन कुमार ग्राम जैंतोली आपरेशन पराक्रम के दौरान देश की रक्षा के लिए शहीद हुए। इनके चाचा परमानन्द चतुर्वेदी

5- राई०मै० देवेन्द्र कुमार पोखरियाल कारगिल युद्ध दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए । इनकी बहिन कुसुम देवी ग्राम सालकोट

6- राई०मै० बलबीर सिंह ग्राम चमेली आपरेशन विजय (कारगिल युद्ध) के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए। इनके भाई श्री राकेश सिंह

7- राई० मै० आनन्द सिंह ग्राम सासों 1971 के भारत पाक युद्ध के दौरान देश की रक्षा के लिए शहीद हुए। इनके पुत्र सोहन सिंह
8- राई० मै० प्रदीप सिंह ग्राम सासों आपरेशन पवन के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए थे। इनकी माताजी सूमा देवी

9- राई०मै० दीपक रावत ग्राम मोलखाल कारगिल युद्ध दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए । इनके छोटे भाई अनूप सिंह ।

10- श्याम सिंह राणा ग्राम माल्ड 1965 के भारत-चीन युद्ध के दौरान देश की रक्षा के लिए शहीद हुए। इनके छोटे भाई भगवान सिंह राणा

12-सूबेदार राजे सिंह राणा ग्राम गिवाली 1971 भारत-पाक युद्ध से दौरान शहीद हुए, इनके पुत्र विक्रम सिंह

13-सुबेदार श्याम सिंह नेगी ग्राम नौनी कारगिल युद्ध दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए। इनकी धर्मपत्नी संम्पति देवी को सम्मानित

14- राईफलमैन राजे सिंह जी 1971 के भारत पाक युद्ध के दौरान देश की रक्षा के लिए शहीद हुए इनकी धर्मपत्नी बच्ची देवी को सम्मानित

15- राईफलमैन सतवीर सिंह ग्राम गिवाली कारगिल युद्ध दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए । इनकी धर्मपत्नी शकुन्तला देवी को सम्मानित।

16- महिपाल सिंह नेगी(उम्र 92 वर्ष) ग्राम बयोवृद्ध गौरव सेनानी को सम्मानित

17- पूर्व सैनिक आलम सिंह रावत जी संगठन में संस्थापक सदस्य । इनके द्वारा ग्राम सभा से जमीन उपलब्ध करवाने में सहयोग आदि का कार्य के लिए सम्मानित किया गया।

 

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