खामोशी को ताकत बनाकर रिदम ने रचा इतिहास, मलयेशिया में जीते दो स्वर्ण पदक

बरेली की युवा एथलीट रिदम शर्मा ने मलयेशिया के पेनांग में चल रही एशिया पैसिफिक डेफ मल्टी स्पोर्ट्स चैंपियनशिप-2026 में मंगलवार को दो स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। सुनने और बोलने में असमर्थ रिदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोहरा स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला डेफ एथलीट बन गई हैं।
कोच अजय कश्यप के अनुसार, रिदम ने 400 मीटर व्यक्तिगत दौड़ स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद उन्होंने 4 x 400 मीटर रिले दौड़ में भारतीय टीम का नेतृत्व करते हुए दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया। रिदम ने बताया कि मैदान पर दो बार तिरंगा फहराया गया।
राष्ट्रगान गूंजने का वह क्षण भारतीय खेल इतिहास में अमर हो गया। रिदम 30 सितंबर को बरेली सेदिल्ली के लिए निकली थीं और दो अक्तूबर को मलयेशिया रवाना हुई थीं। वह इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। रिदम पहले भी वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
खामोशी को बनाया ताकत
रिदम के पिता अनुकाम शर्मा और मां पूनम शर्मा ने कहा कि बेटी ने अपनी शारीरिक सीमाओं को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने अपनी खामोशी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाकर यह सफलता हासिल की है।
रिदम ने अपनी कामयाबी का श्रेय परिवार के साथ-साथ कोच अजय कश्यप और आरएसओ चंचल मिश्रा को दिया। पिता ने बताया कि बेटी की इस सफलता से परिवार में जश्न का माहौल है। खेलप्रेमियों के लगातार फोन आ रहे हैं।



